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कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग, चंडीगढ़ में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

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चंडीगढ़, 26 जनवरी:
कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग, सेक्टर 24डी, चंडीगढ़ के परिसर में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत उत्साह, देशभक्ति और वैचारिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संस्थान के निदेशक एवं लोकप्रिय रूप से “सक्सेस गुरु” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. सचिन गोयल ने किया।

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. सचिन गोयल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके पच्चीस से अधिक वर्षों के व्यापक अनुभव—जिसमें उन्होंने अब तक 1,000 से अधिक आईएएस, आईपीएस अधिकारी एवं न्यायाधीश तैयार किए हैं और 10,000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षित किया है—के आधार पर उनका स्पष्ट निष्कर्ष है कि मन और शरीर—दोनों की फिटनेस के बिना न तो जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है और न ही देश की प्रभावी सेवा संभव है।

डॉ. गोयल ने कहा कि जब हम भारत के संविधान के माध्यम से स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और सुव्यवस्थित राष्ट्र में जीने के मूल्यों को संजो रहे हैं, तब प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है कि वह परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश समाज के हर व्यक्ति तक पहुँचाए। उन्होंने कहा कि सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे मातृभूमि की सेवा में परिवर्तित होना चाहिए। इसके लिए संतुलित आहार, उचित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली अत्यंत आवश्यक हैं।

इस अवसर पर प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ एवं कार्यक्रम के सह-मेज़बान एर. निर्मल सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है।” उन्होंने विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और राष्ट्र निर्माण में लगे व्यक्तियों के लिए शारीरिक फिटनेस एवं सही पोषण को मानसिक स्पष्टता और दीर्घकालिक सफलता की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, श्री ADITYA TAKIAR, राष्ट्रीय सचिव, एबीवीपी चंडीगढ़, ने मीडिया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत प्राचीन काल से ही चिकित्सा, खगोल विज्ञान, विज्ञान और गणित के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस का उत्सव तब तक अधूरा है जब तक प्रत्येक नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प न ले और “वसुधैव कुटुम्बकम्” के शाश्वत सिद्धांत को पुनः आत्मसात न करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज भारत की सोच और दिशा स्पष्ट है—“इंडिया फर्स्ट, विश्व मित्र और अंततः विश्व गुरु।”

इस भव्य आयोजन में 500 से अधिक लोग उपस्थित रहे, जिनमें विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और पंजाब विश्वविद्यालय के शिक्षकगण भी शामिल थे। सभी उपस्थितजनों के लिए चाय एवं जलपान की व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर कृष्णा आईएएस एवं ज्यूडिशियरी कोचिंग ने एबीवीपी चंडीगढ़ के सहयोग से अपना वार्षिक गणतंत्र दिवस कैलेंडर भी जारी किया। यह परंपरा संस्थान द्वारा हर वर्ष 26 जनवरी के अवसर पर निभाई जाती है।

डॉ. गोयल ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि उन्होंने 120 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को प्लैटिनम, डायमंड, गोल्ड और सिल्वर छात्रवृत्तियाँ प्रदान की हैं, जिनकी कुल राशि ₹5 लाख है। यह घोषणा संस्थान की गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग देने हेतु देशभक्ति गीत एवं कविता पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें कई विद्यालयों और महाविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया। राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम पर आधारित भावपूर्ण गीतों और कविताओं ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

समग्र रूप से, कृष्णा आईएएस कोचिंग में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह उत्साह, प्रेरणा और राष्ट्रीय चेतना से भरपूर रहा। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों द्वारा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ के साथ हुआ, जिससे यह आयोजन वास्तव में यादगार और सार्थक बन गया।

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