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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन–ग्रामीण) विधेयक 2025 का संसद से पारित होना विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक क्रांतिकारी और दूरदर्शी निर्णय है। यह विधेयक मनरेगा का स्थान लेते हुए ग्रामीण विकास को नई गति देगा, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। इस अधिनियम के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय, आजीविका और परिसंपत्ति निर्माण को सशक्त आधार मिलेगा।
इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश द्वारा आज प्रदेश कार्यालय कमलम, सेक्टर 33 में VB-G RAM G जन-जागरण अभियान को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी, संजीव राणा तथा कार्यक्रम के संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश पंचाल, सह-संयोजक मनीष शर्मा, अमनदीप सिंह और संजय पुरी उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल इस ऐतिहासिक अधिनियम को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम फैलाने और आम जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे समय में मजदूरों, किसानों और ग्रामीण परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाले इस अधिनियम की सही भावना और उद्देश्य को जनता तक पहुंचाना आवश्यक है। पहले जहां मनरेगा के अंतर्गत 100 दिन का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस नए अधिनियम के तहत 125 दिन के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है।
यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और अधिक सशक्त किया गया है। साथ ही मजदूरी भुगतान में देरी की स्थिति में अतिरिक्त राशि देने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे श्रमिकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
विपक्ष द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि योजनाएं केंद्र से थोप दी जाएंगी, जबकि वास्तविकता यह है कि ग्राम पंचायत और ग्राम सभा ही अपने गांव के विकास की योजना बनाएंगी और यह तय करेंगी कि गांव में कौन-कौन से कार्य किए जाने हैं। परिवारों का पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, कार्य हेतु आवेदन लेना और योजनाओं का निर्माण—ये सभी जिम्मेदारियां ग्राम पंचायतों की होंगी।
इस अधिनियम के अंतर्गत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायतों द्वारा कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और गांव की जरूरतों के अनुसार विकास सुनिश्चित होगा। ग्राम सभा और ग्राम पंचायत अपने गांव के समग्र विकास की योजना तैयार करेंगी। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका मूलक कार्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
इस योजना के तहत तालाब, चेक डैम, स्टॉप डैम, स्कूल व आंगनबाड़ी के बाद सड़क, नाली, शेड या आवश्यक ढांचे बनाना, गरीब परिवारों और स्व-सहायता समूहों की बहनों की आय बढ़ाने वाले रोजगार से जुड़े कार्य, तथा गांव में लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिए आजीविका के अवसर सृजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य गांव में जल सुरक्षा सुनिश्चित करना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, रोजगार व आय बढ़ाना और गांवों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित बनाना है।
सरकार ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, ताकि उन्हें गांव में ही आजीविका के अवसर मिलें और वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके लिए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ प्रदान किया जाएगा।
खेती की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि 125 दिन की रोजगार गारंटी बनी रहे। साथ ही बुवाई और कटाई के समय, जब कृषि कार्यों में मजदूरों की अधिक आवश्यकता होती है, तो राज्य सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वर्ष में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कार्यों को स्थगित कर सके, जिससे कृषि कार्य प्रभावित न हों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था संतुलित बनी रहे।
ग्राम रोजगार सहायक, मैनेजमेंट असिस्टेंट और तकनीकी सहायकों की भूमिका को और अधिक सशक्त किया गया है। उनके प्रशिक्षण, मानदेय और निगरानी के लिए प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।
सभी कार्यों का सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा, जिससे गांव के लोग स्वयं यह देख सकेंगे कि कार्य सही ढंग से हो रहे हैं या नहीं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी की संभावनाएं कम होंगी। इसके साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति, GIS आधारित जांच, मोबाइल ऐप, डैशबोर्ड और साप्ताहिक सार्वजनिक सूचना जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जाएगी।
जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने कहा कि यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित गांव और ग्राम स्वराज के संकल्प को धरातल पर उतारने का एक मजबूत माध्यम है। भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश सभी जिलों, मंडलों और बूथ स्तर पर VB-G RAM G जन-जागरण अभियान के तहत कार्यशालाएं आयोजित करेगी, ताकि आम जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन के बारे में व्यापक रूप से जागरूक किया जा सके।

