श्रीधर राजीव महाराज द्वारा देश में सुख शांति के लिए 75 घंटे खड़े होकर तपस्या

#bnnindianews Press release***श्रीधर राजीव महाराज द्वारा देश में सुख शांति के लिए 75 घंटे खड़े होकर तपस्या+++++आज सोल आनंद समाज सिल्वर सिटी जीरकपुर द्वारा आयोजित स्वामी श्रीधर राजीव महाराज देश में सुख शांति भाईचारा सद्भाव के लिए आज से निरंतर “खड़ी तपस्या यज्ञ”

75 घंटे निरंतर खड़े होकर भगवान नाम जप तपस्या करेंगे कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रवक्ता श्री रिंकू सिंह ने अपने वक्तव्य में बताया की, यह तपस्या यज्ञ का कार्यक्रम आज 29 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 1 जनवरी 2026 दोपहर 1:00 बजे तक निरंतर तपस्या या गया चलता रहेगा, भजन मंडलीय एवं भक्ति लोक निरंतर श्री हरि नाम का जाप संकीर्तन करते रहेंगे स्वामी श्री धर्म राजीव जी महाराज निरंतर 75 घंटे खड़े होकर तपस्या भजन संकीर्तन करेंगे, भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी श्री धर राजीव महाराज जी ने कहा कि हम एक धर्म मंच पर बैठे हुए हैं

हम सिर्फ धर्म सम्मति की ही बात करेंगे, समाज में जो आज देश में जो आज चारों तरफ त्राहि त्राहि मची हुई है लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, हिंसा हो रही है धर्म के नाम पर झगड़ा हो रहे हैं नैतिकता बिल्कुल खत्म हो रही है भाई-भाई में झगड़ा हो रहे हैं माता-पिता का सम्मान नहीं किया जा रहा है बूढ़े मां-बाप को घर से निकाल दिया जा रहा है, धर्म के नाम पर हिंसा हो रही है खून खराबा हो रहा है, हिंसा से हिंसा कभी भी दूर नहीं हो सकती, इन सभी समस्याओं का सिर्फ एक मात्र हल है भगवन नाम जाप भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए भगवान सर्वशक्तिमान है वह दिन को रात रात को दिन बंजर धरती में वह जल भर सकते हैं, पत्थरों मैं वह फूल खिला सकते हैं, सभी समस्याओं समाधान सिर्फ़ भगवान है। हमें उनसे प्रार्थना करनी चाहिए, खड़े होकर निरंतर 75 घंटे नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच उत्पन्न होती 9d85ebf100d74b46bc27e56dc7795948
है, बांग्लादेश के परिपेक्ष में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हत्याओं पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि त्रेता युग और द्वापर युग में इसी प्रकार राक्षसों द्वारा अत्याचार हो रहे थे तब उस समय ऋषि मुनियों ने भगवान श्री विष्णु से आग्रह किया गया था कि धरती पर अवतार लेकर दोस्तो का संघार करें इस प्रकार भगवान ने अवतार लेकर दोस्तो का नाश किया था, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया !

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