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चंडीगढ़ (अमरपाल नूरपुरी ): जैसे-जैसे 2025 खत्म होने की ओर बढ़ा, भारतीय सिनेमा में एक साफ बदलाव देखने को मिला, जहां सिर्फ स्टारडम नहीं बल्कि सच्ची एक्टिंग, भरोसे और किरदार की गहराई पर ध्यान रहा। यह साल उन कलाकारों का रहा, जिन्होंने अलग और चुनौतीपूर्ण रोल चुने, अपनी बनी-बनाई छवि से बाहर निकले और ऐसी परफॉर्मेंस दी, जो फिल्म खत्म होने के बाद भी याद रही। पीरियड फिल्मों से लेकर आज की भावनात्मक कहानियों तक, इन अभिनेताओं ने बिना किसी शक खुद को इस साल के सबसे खास कलाकारों के रूप में साबित किया।
रश्मिका मंदाना के लिए छावा और द गर्लफ्रेंड के साथ यह साल एक अभिनेत्री के रूप में बहुत खास रहा। छावा में उन्होंने तेज़ और गंभीर कहानी के बीच अपने किरदार को मजबूती से निभाया, जहां भावनाओं में ताकत और संतुलन साफ दिखा। वहीं द गर्लफ्रेंड में रश्मिका ने एक बिल्कुल अलग और नाज़ुक रूप दिखाया, जिसमें उन्होंने आज के रिश्तों को सच्चाई और सादगी के साथ पेश किया। इन दोनों फिल्मों ने मिलकर दिखाया कि रश्मिका अब और भी आत्मविश्वासी हो रही हैं और वह बड़ी फिल्मों की पसंद के साथ-साथ भावनाओं की गहराई को भी अच्छी तरह निभा सकती हैं।
*धूम धाम और हक़ में यामी गौतम*
हक़ में यामी गौतम की परफॉर्मेंस अपनी शांति भरी ताकत और भावनात्मक समझ के लिए सबसे अलग नजर आई, और इसे इस साल की बेहतरीन अदाकारी में से एक माना गया। पूरी फिल्म को अपने मजबूत अभिनय से संभालते हुए यामी ने ऐसे किरदार को निभाया, जो सच्चाई और अंदरूनी मजबूती से चलता है। उन्होंने ज्यादा ड्रामा वाले अंदाज़ की बजाय छोटे-छोटे हाव-भाव और भावनाओं के जरिए असर छोड़ा। उनकी सधी हुई परफॉर्मेंस ने कहानी को और ऊंचा उठाया और यह साबित किया कि वह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा में कितनी मजबूत कलाकार हैं। वहीं, साल की शुरुआत उन्होंने OTT पर धूम धाम से की, जहां उनका किरदार बिल्कुल उलट मस्तीभरा और हल्का-फुल्का था। यह फर्क साफ दिखाता है कि एक अभिनेत्री के तौर पर यामी की रेंज कितनी बड़ी है।

