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आयुर्वेद महोत्सव 2025 का आयोजन समग्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा : डॉ ऋषभ दीक्षित

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#bnnindianews बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच आयुर्वेद सबसे प्रभावी और भरोसेमंद चिकित्सा पद्धति बनकर उभरी है : आचार्य मनीष

पंचकूला में आयुर्वेद महोत्सव 2025 बना जन आकर्षण का केंद्र, दूसरे दिन भी उमड़ी भारी भीड़

पंचकूला : सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित आयुर्वेद महोत्सव 2025 के दूसरे दिन भी आम जनता की भारी भीड़ देखने को मिली। लोग बड़ी संख्या में आयुर्वेद से संबंधित जानकारी लेने पहुंचे और प्रदर्शनी में लगे स्टॉलों से आयुर्वेदिक उत्पाद खरीदते नजर आए। महोत्सव में लोगों के बीच आयुर्वेद के प्रति गहरी रुचि और जागरूकता देखने को मिली।

महोत्सव के दूसरे दिन भाजपा पंचकूला के पूर्व विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने पंचकूला में इस प्रकार की आयुर्वेदिक प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए महोत्सव के संचालकों को बधाई दी और आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार में उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में आचार्य मनीष भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ज्ञानचंद गुप्ता, आचार्य मनीष, भाजपा नेत्री रंजीता मेहता और ओमप्रकाश देवी नगर द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात महोत्सव के संचालकों ने मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों को शाल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

आचार्य मनीष ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और आयुर्वेदिक दवाइयां एवं उत्पाद बेचने वाले संस्थानों से उनके उत्पादों के लाभ, उपयोग और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एक विशेष सत्र भी दिया, जिसमें आयुर्वेद के फायदे बताते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच आयुर्वेद सबसे प्रभावी और भरोसेमंद चिकित्सा पद्धति बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य आयुर्वेद का ही है।

इस दौरान स्वदेशी जागरण मंच के उत्तर क्षेत्र संयोजक राजेश गोयल भी महोत्सव में पहुंचे। उन्होंने आयुर्वेदिक उत्पादों के बारे में जानकारी ली और स्वदेशी अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला।

महोत्सव के आयोजक डॉ ऋषभ दीक्षित ने बताया कि यह आयोजन समग्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। उनके अनुसार देशभर से आए विशेषज्ञ अपने शोध, अनुभव और आधुनिक दृष्टिकोण साझा कर रहे हैं, जिससे आयुर्वेद का वैज्ञानिक आधार और भी मजबूत होगा।

कार्यक्रम में प्रमुख विशेषज्ञों के रूप में अजीत पाल सिंह, संचित शर्मा, तरनजीत सिंह भरना, रामपाल सोमानी और हितेश जानी उपस्थित रहे। इन विशेषज्ञों ने आयुर्वेद की आधुनिक दिशा, तकनीकी उन्नति और वैश्विक संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।

महोत्सव के सफल संचालन में आयोजन टीम का विशेष योगदान रहा, जिसमें ऋषभ दीक्षित, जय सोनी, मन्या दीक्षित, योगिता भाटी और सिद्धि मिश्रा शामिल रहे। उनकी योजनाबद्ध कार्यशैली और बेहतर समन्वय के चलते महोत्सव का आयोजन पहले दिन से ही सुव्यवस्थित और प्रभावशाली रहा।

प्रदर्शनी में 4000 से अधिक चिकित्सक, देशभर से आए आयुर्वेदाचार्य और 100 से अधिक औषधि निर्माता अपनी शोध आधारित औषधियां और आधुनिक तकनीकें प्रदर्शित कर रहे हैं। इसके साथ ही निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, योग सत्र, परामर्श केंद्र और दवा वितरण स्टॉलों पर पूरे दिन भारी भीड़ उमड़ती रही, जिससे आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिला।

आयुर्वेदिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने बताया कि उनके कई उत्पादों को लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। वहीं मुंबई से आई एक कंपनी की संचारिका ने बताया कि उनके आयुर्वेदिक उत्पादों की अच्छी बिक्री हो रही है, खासकर “कूल लिप” उत्पाद को लेकर लोगों में खासा रुझान देखने को मिल रहा है।

कुल मिलाकर पंचकूला में आयोजित यह आयुर्वेद महोत्सव न केवल आयुर्वेद की वैज्ञानिकता को जन-जन तक पहुंचा रहा है, बल्कि लोगों में प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति नया विश्वास और जागरूकता भी पैदा कर रहा है।

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