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शब्दों में भविष्य को रोशन करने की शक्ति होती है : राहुल सिंह

शब्दों में भविष्य को रोशन करने की शक्ति होती है : राहुल सिंह

शब्दों में भविष्य को रोशन करने की शक्ति होती है : राहुल सिंह

Bharat News Network:  खुशवंत सिंह लिटफेस्ट अपने अगले संस्करण के लिए तैयार : पुस्तक प्रेमी और विचारशील लोग 10 से 12 अक्तूबर तक कसौली में जुटेंगे

अमोल पालेकर, जनरल मनोज नरवणे, शोभा डे, पी. चिदंबरम और पूजा बेदी होंगे लिटफेस्ट के मुख्य आकर्षण

चण्डीगढ़ : खुशवंत सिंह लिटफेस्ट ( केएसएलएफ ) अपने 14वें संस्करण के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फेस्टिवल 10 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक कसौली क्लब में आयोजित किया जाएगा। रोजाना सत्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे।

केएसएलएफ के डायरेक्टर राहुल सिंह ने इस बाबत आज चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का विषय वॉइसेस ऑफ़ टुमारो-नेविगेटिंग द फ्यूचर थ्रू वर्ड्स रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से यह लिटफेस्ट पुस्तकों और समकालीन विषयों पर चर्चाओं के साथ आयोजित किया जाता आ रहा है। इसमें बुक लॉन्च, संवाद और ऐसी कई गतिविधियाँ शामिल होती हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को साहित्य से जोड़ना और साहित्य को बढ़ावा देना है। यह फेस्टिवल राष्ट्र निर्माण में साहित्य के योगदान का संदेश भी देता है।

राहुल सिंह ने कहा कि यह फेस्टिवल एक बार फिर साहित्य, विचार और संवाद के माध्यम से भविष्य की आवाज़ों को सामने लाने का मंच बनेगा। इसके साथ ही वैश्विक और क्षेत्रीय अस्थिरता, जलवायु संकट जैसी उभरती समस्याओं के बीच नई सोच, नए दृष्टिकोण और भविष्य को फिर से कल्पित करने के विचार भी सामने आएंगे।
इस बार भी साहित्य, राजनीति, फिल्म जगत और अन्य क्षेत्रों की अनेक प्रसिद्ध हस्तियाँ, जिनमें नेता, अभिनेता और लेखक शामिल हैं,भाग लेंगी।

उन्होंने बताया कि केएसएलएफ ऐसे लेखकों, विचारकों और परिवर्तनकर्ताओं को एक साथ लाएगा, जो आने वाली पीढ़ी के विचारों को आकार दे रहे हैं और इनमें वे आवाज़ें भी शामिल रहेंगी जो सवाल उठाती हैं, चुनौती देती हैं और प्रेरित करती हैं।

फेस्टिवल डायरेक्टर राहुल सिंह ने कहा कि ये आयोजन केएसएलएफ के उस स्थायी विश्वास को दर्शाता है कि शब्दों में भविष्य को रोशन करने की शक्ति होती है।

राहुल सिंह ने केएसएलएफ की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के बारे भी पत्रकारों को अवगत कराते हुए बताया कि इस साल गर्मियों में केएसएलएफ का सातवां लंदन संस्करण आयोजित हुआ और पहली बार इस समारोह का ऑक्सफोर्ड में पदार्पण हुआ।

फेस्टिवल टीम की सदस्य ऐश्वर्या कुमार ने पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि केएसएलएफ एक उद्देश्यपूर्ण लिटफेस्ट है, जो मानव संस्कृतियों की समृद्धि, विविधता और खुशवंत सिंह द्वारा अपनाई गई मानवीय उदारता का उत्सव मनाता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष के प्रमुख वक्ताओं और पैनलिस्टस में जनरल एम.एम. नरवणे, अमोल पालेकर, पी. चिदंबरम, शोभा डे, पूजा बेदी, ए.एस. दुलत, मणि शंकर अय्यर, पॉल वाटर्स, गिलियन राइट, हरिंदर बावेजा, संदीप भामेर, और संगीता वॉल्ड्रन आदि शामिल रहेंगे।

विभिन्न सत्रों में ग्रीन बिज़नेस, मानसिक स्वास्थ्य, विरासत, लैंगिकता और परोपकार जैसे विविध विषयों पर चर्चाएँ होंगी जिनमें मर्डर मिस्ट्री, जासूसी थ्रिलर, संस्मरण और आत्म-विकास जैसी विधाएँ शामिल हैं। इसके अलावा हर सुबह शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम से शुरुआत होगी और शामें उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों से सजी होंगी। इस वर्ष के विशेष कलाकार रियर एडमिरल निर्मला कन्नन, ध्रुव केंट, राधिका सूद नायक, जूही बब्बर, सैयद अरमान अली और रेखा राज होंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि इस समारोह के दौरान हर वक्ता के नाम पर एक पेड़ लगाया जाता है और अब तक 2000 से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं।

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