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चार दिवसीय ‘रागिनी उत्सव’ का रंगारंग आगाज़
कलाग्राम में गूंजी हरियाणवी लोक संगीत की मधुर धुनें
‘स्वच्छता पखवाड़ा’ विषय पर नुक्कड़ नाटक से हुई शुरुआत
चंडीगढ़, 12 मार्च:
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नॉर्थ ज़ोन कल्चरल सेंटर (NZCC) द्वारा आयोजित चार दिवसीय मेगा “रागिनी उत्सव-2026” का आज चंडीगढ़ के कलाग्राम में रंगारंग शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीनियर डिप्टी मेयर जसमानप्रीत सिंह थे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
इसके बाद चंडीगढ़ के संवाद थिएटर ग्रुप द्वारा केंद्र सरकार की ‘स्वच्छ भारत’ पहल पर आधारित ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ विषय पर एक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम प्रभारी राजेश बक्शी ने बताया कि चार दिवसीय इस सांगीतिक उत्सव के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से कुल 12 रागिनी दलों को आमंत्रित किया गया है।
शाम का माहौल तब और संगीतमय हो गया जब प्रसिद्ध रागिनी गायक विकास पहसौरिया और उनकी टीम ने मंच संभाला। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों से कार्यक्रम की शुरुआत की। उनके गीत “परी नाक सुबासा, मुंह बतवासा…” और “घमंड का सिर नीचा होता है एक दिन…” को दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ सराहा।
इसके बाद रागिनी गायक मास्टर रणबीर खेड़ी दमकन और उनकी टीम ने करीब एक घंटे तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने “जमाना रंग बदलता है…” और “बेटे तै हो बेटी प्यारी, ये कहती है दुनिया सारी…” जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर माहौल को उत्साह से भर दिया।
कार्यक्रम में रागिनी गायक रवि सांपला और उनकी टीम ने भी एक के बाद एक अपनी लोकप्रिय रागिनियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने “चलो उस देस में जहां संगीत हो…” और “सदा रही है, सदा रहेगी झगड़े की जड़ – जर, जोरू और जमीन…” जैसी रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा।
उत्सव के दूसरे दिन (13 मार्च) रागिनी के दिग्गज कलाकार सतवीर (कप्तान बिश्निया), सोमवीर, और ओम प्रकाश बाली शर्मा अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
इसके अलावा चार दिवसीय इस संगीतमय आयोजन में इंदरजीत (कुंडियां), सोनू भगना, नरेंद्र डांगी, राकेश भरानिया, संध्या शर्मा और सुरेंद्र शर्मा जैसे पुरस्कार विजेता रागिनी गायक भी अपनी प्रस्तुति देकर संगीत प्रेमियों का मनोरंजन करेंगे।
कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 5 बजे से शुरू होगा और दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
इस अवसर पर एनज़ेडसीसी के निदेशक मोहम्मद फुरकान खान ने कहा कि रागिनी लोक गायन की यह चार दिवसीय श्रृंखला हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को शहर के लोगों, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने शहर के संगीत प्रेमियों से इस अनूठे सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने का आह्वान किया।